जिंदगी जहर नहीं
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जिंदगी जहर नहीं, दुखों का कहर सही
अगर तुम्हारा साथ हो, सर पे मेरे हाथ हो
अगर तुम्हारा साथ हो, सर पे मेरे हाथ हो
हर क्लेश छोड दूं, विरह से मुख मोड लूं
दुखों का रेला तोड दूं, सुखों का मेला जोड लूं
खुशियों का गुबार दूं, अगर तुम्हारा साथ हो ----
दुखों का रेला तोड दूं, सुखों का मेला जोड लूं
खुशियों का गुबार दूं, अगर तुम्हारा साथ हो ----
वक्त भले ठहर जाए, रोशनी बिखर जाए
गमों के आखियानें में, जिंदगी का अंधेरा हो
दिल जला के रोशनी दूं, अगर तुम्हारा साथ हो ---
गमों के आखियानें में, जिंदगी का अंधेरा हो
दिल जला के रोशनी दूं, अगर तुम्हारा साथ हो ---
लूटा के मैं अपनी खुशी गीत बांटता चलूं
आंसूओं के समंदर से संगीत लूटाता चलूं
नफरत को नया नाम दूं, अगर तुम्हारा साथ हो ---
आंसूओं के समंदर से संगीत लूटाता चलूं
नफरत को नया नाम दूं, अगर तुम्हारा साथ हो ---
कांटों का अगर माला हो, जीवन जहर का प्याला हो
दिल के कोरे कागज पर, आंसूओं की वर्णमाला से
लिखूंगा किताब तेरी, अगर तुम्हारा साथ हो ----
दिल के कोरे कागज पर, आंसूओं की वर्णमाला से
लिखूंगा किताब तेरी, अगर तुम्हारा साथ हो ----
अजय पाण्डेय
सुहवल, गाजीपुर
सुहवल, गाजीपुर
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