Sunday, 12 June 2016

असहिष्णु हुआ मौसम

--------------------------
यह मौसम भी असहिष्णु हो गया
इतना कुहरा 
इतनी ठण्ड
इस मौसम को न गरीब की फ़िक्र
न मेरी
पुरस्कार न सही
कुछ गर्म कपडे ही लौटा दो
सरकार को नहीं
उन गरीबों को
लाचार और जरुरतमंदों को
जिनके बदन पर कपडे नहीं
काशीनाथ सिंह हों या
मुनव्वर राणा
तुम मेरे आह्वान को
अभियान बना दो
तब समझूंगा
तुम भी सहिष्णु हो गए।
अजय पाण्डेय, सुहवल गाजीपुर

No comments:

Post a Comment