जब दिल तुम्हें करे याद तो आंखों से निकले आंसू
हाय! यह चांद भी रोये, इन्हें कौन समझाए
हवा भी हुई बावली, देख मुझे लजायी
तो आंखों से निकले आंसू, इन्हें कौन समझाए।।
हाय! यह चांद भी रोये, इन्हें कौन समझाए
हवा भी हुई बावली, देख मुझे लजायी
तो आंखों से निकले आंसू, इन्हें कौन समझाए।।
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