ये नेता हैं
ये नेता हैं वोट के लिए
विष बो रहे हैं
अब तो सेना को भी
बांटने की बात कर रहे हैं
किसना कितना योगदान है
देश के लिए
हमें क्यों समझाते हो
तुम अपना योगदान बता दो
जनता को क्यों मूर्ख बनाते हो
पहले दिलों को बांटते थे
अब देश को बांटने की बात
कर रहे हैं
तभी तो अपनी जुबां से
बस जहर उगल रहे हैं
यह जनता है सब समझती है
जो भाषा तुम बोल रहे हो
हमें क्या आजम खां की
भैंस समझ रहे हो
अपनी जनसभाओं में
जनता को भड़काने की
बात कर रहे हैं
वे हमारी भावनाओं से
खेल रहे हैं
चुनाव आयोग की कार्रवाई पर
हाथ मल रहे हैं
बूथों पर वोटों की चोरी
कैसे की जाएगी
कार्यकर्ताओं को समझा रहे हैं
फिर भी खुद को शाह कह रहे हैं
विष बो रहे हैं
अब तो सेना को भी
बांटने की बात कर रहे हैं
किसना कितना योगदान है
देश के लिए
हमें क्यों समझाते हो
तुम अपना योगदान बता दो
जनता को क्यों मूर्ख बनाते हो
पहले दिलों को बांटते थे
अब देश को बांटने की बात
कर रहे हैं
तभी तो अपनी जुबां से
बस जहर उगल रहे हैं
यह जनता है सब समझती है
जो भाषा तुम बोल रहे हो
हमें क्या आजम खां की
भैंस समझ रहे हो
अपनी जनसभाओं में
जनता को भड़काने की
बात कर रहे हैं
वे हमारी भावनाओं से
खेल रहे हैं
चुनाव आयोग की कार्रवाई पर
हाथ मल रहे हैं
बूथों पर वोटों की चोरी
कैसे की जाएगी
कार्यकर्ताओं को समझा रहे हैं
फिर भी खुद को शाह कह रहे हैं
अजय पाण्डेय
सुहवल, गाजीपुर
सुहवल, गाजीपुर
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