जिंदगी एक फूल है
इसे विषैले जल से मत सींचो
वरना कांटा बन जाएगी
यह फूल सी जिंदगी।
चुभने लगोगे दूसरों को
अपने भी हो जाएंगे पराये
खुद को फूल ही रहने दो।
इसे विषैले जल से मत सींचो
वरना कांटा बन जाएगी
यह फूल सी जिंदगी।
चुभने लगोगे दूसरों को
अपने भी हो जाएंगे पराये
खुद को फूल ही रहने दो।
अजय पाण्डेय
सुहवल,गाजीपुर
सुहवल,गाजीपुर
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