Monday, 11 September 2017

जिंदगी एक फूल है

जिंदगी एक फूल है
इसे विषैले जल से मत सींचो
वरना कांटा बन जाएगी
यह फूल सी जिंदगी।
चुभने लगोगे दूसरों को
अपने भी हो जाएंगे पराये
खुद को फूल ही रहने दो।
अजय पाण्डेय
सुहवल,गाजीपुर

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